IDFC First Bank Fraud: ₹590 करोड़ के घोटाले के बाद अब शेयर का क्या होगा?

IDFC FIRST Bank Chandigarh Branch Fraud: IDFC First Bank इन दिनों अपनी चंडीगढ़ की एक ब्रांच में हुए ₹590 करोड़ के फ्रॉड की खबर के कारण काफी चर्चा में है। इस बड़े घोटाले के सामने आने के बाद सोमवार, 23 फरवरी को शेयर बाजार खुलने पर निवेशकों का पूरा फोकस इसी बैंक के शेयर पर रहेगा। बैंक ने कहा है कि यह मामला हरियाणा सरकार के चंडीगढ़ ब्रांच में कुछ बैंक अकाउंट्स में गड़बड़ी से जुड़ा है। इस खबर के बाद, हरियाणा सरकार ने तुरंत बैंक के साथ सभी सरकारी ट्रांजैक्शन सस्पेंड कर दिए और सभी डिपार्टमेंट्स से अपने अकाउंट्स बंद करने को कहा। है।

IDFC First Bank शेयर प्राइस मूवमेंट

शुक्रवार, 20 फरवरी, 2026 को ट्रेडिंग बंद होने पर IDFC फर्स्ट बैंक का स्टॉक ₹83.56 पर ट्रेड कर रहा था। उस दिन स्टॉक में 0.72% की बढ़त हुई, जबकि बेंचमार्क बैंकिंग सेक्टर इंडेक्स सिर्फ़ 0.38% ही ऊपर गया था। पिछले एक साल में, इस स्टॉक ने इन्वेस्टर्स को लगभग 39% रिटर्न दिया है, जो निफ्टी बैंक के 26% रिटर्न से बेहतर है। बैंक का टोटल मार्केट कैप अभी लगभग ₹71,812 करोड़ है, और पिछले 52 हफ़्तों में इसका सबसे ऊँचा लेवल ₹87 रहा है।

हाल में सामने आया फ्रॉड बैंक की ग्रोथ और इसके शेयर पर काफी बड़ा असर डाल सकता है, क्योंकि यह फ्रॉड बैंक के पिछले तिमाही के ₹503 करोड़ प्रॉफ़िट से भी बड़ा बताया जा रहा है।

₹590 करोड़ के स्कैम की पूरी कहानी

इस ₹590 करोड़ के स्कैम का मामला तब सामने आया जब हरियाणा सरकार के एक डिपार्टमेंट ने अपना बैंक अकाउंट बंद करके दूसरे बैंक में फंड ट्रांसफर करना शुरू किया। जांच के दौरान बैंक के रिकॉर्ड और डिपार्टमेंट द्वारा बताए गए बैलेंस में बड़ा अंतर पाया गया। इसके बाद 18 फरवरी 2026 से दूसरे सरकारी डिपार्टमेंट के खातों की जांच की गई, जिसमें इसी तरह की गड़बड़ियां सामने आईं। शुरुआती जांच में पता चला कि चंडीगढ़ ब्रांच के कुछ कर्मचारियों ने गलत तरीके से फंड्स का लेनदेन किया था। बैंक ने तुरंत कार्रवाई करते हुए 4 अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया और पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। बैंक अब एक बाहरी एजेंसी से फोरेंसिक ऑडिट करवा रहा है, जबकि हरियाणा सरकार ने सभी डिपार्टमेंट को 31 मार्च, 2026 तक अपने अकाउंट का मिलान पूरा करने का निर्देश दिया है।

IDFC First Bank Q3 FY26 Results

Q3 FY26 में बैंक का नेट प्रॉफ़िट बढ़कर ₹503 करोड़ हो गया, जबकि पिछले साल इसी समय में यह ₹339 करोड़ था। कोर इनकम में भी 12% की बढ़ोतरी हुई। मौजूदा फ़ाइनेंशियल ईयर के पहले नौ महीनों में, बैंक ने कुल ₹1,317 करोड़ का प्रॉफ़िट कमाया। रिस्क कम करने के लिए, बैंक ने अपने माइक्रोफ़ाइनेंस बिज़नेस का हिस्सा पहले के 6.6% से घटाकर 4% कर दिया है। हाल ही में, RBI ने ICICI ग्रुप को बैंक में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाकर 9.95% करने की मंजूरी भी दे दी।

IDFC First Bank Share Price Target 2026: Axis Securities

हाल ही में 1 फरवरी 2026 को Axis Securities ने अपनी रिपोर्ट में IDFC First Bank शेयर पर BUY रेटिंग बरकरार रखते हुए टारगेट प्राइस ₹83 से बढ़ाकर ₹101 रुपये कर दिया। ब्रोकरेज का मानना था कि बैंक आने वाले कुछ सालों में अपने लोन और डिपॉजिट को 21% से 23% की रफ्तार से बढ़ा सकता है। उनके मुताबिक बैंक की कमाई और ऑपरेटिंग एफिशिएंसी में सुधार जारी रहेगा, जिससे वित्त वर्ष 2027-28 तक बैंक का RoA बढ़कर 1% से 1.2% तक पहुंच सकता है। Axis Securities का कहना था कि बैंक के ऑपरेशन्स अब पहले से बेहतर दिख रहे हैं और मिड टर्म में यह निवेशकों को अच्छा रिटर्न दे सकता है। लेकिन अब सवाल यह है कि इस बड़े स्कैम के बाद क्या ब्रोकरेज का भरोसा बरकरार रह पाएगा।

Disclaimer: यह आर्टिकल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से पब्लिश किया गया है। इसमें दी गई जानकारी पब्लिक सोर्स और रिपोर्ट्स पर आधारित है और इसे इन्वेस्टमेंट सलाह या किसी स्टॉक में खरीद या बिक्री की सिफारिश नहीं माना जाना चाहिए। शेयर बाजार में निवेश जोखिम के अधीन होता है। इस लेख के आधार पर लिए गए किसी भी निवेश निर्णय से होने वाले लाभ या हानि के लिए ielindia.in या इसके लेखक जिम्मेदार नहीं हैं।

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