IDFC First Bank Share Price: IDFC First Bank इन दिनों बाजार की सबसे बड़ी खबर बन गया है जबसे बैंक ने चंडीगढ़ ब्रांच से जुड़े ₹590 करोड़ के फ्रॉड की जानकारी दी है। इस फ्रॉड के खुलासे के अगले ही ट्रेडिंग सेशन यानी सोमवार, 23 फरवरी 2026 को शेयर में भारी गिरावट आई और स्टॉक इंट्राडे में 20% तक टूट गया। मामला हरियाणा सरकार के कुछ बैंक खातों में बैलेंस मिसमैच सामने आने के बाद पकड़ा गया, जिसके बाद राज्य सरकार ने बैंक को फिलहाल सरकारी ट्रांजैक्शन से हटा दिया है।
IDFC First Bank शेयर प्राइस मूवमेंट
₹590 करोड़ के फ्रॉड का खुलासा होने के बाद, 23 फरवरी, 2026 को IDFC First Bank के शेयर तेज़ी से गिरे। सोमवार को स्टॉक ₹75.16 पर खुला, जो पिछले क्लोजिंग प्राइस से लगभग 10% नीचे था। जैसे-जैसे बिकवाली तेज़ हुई, स्टॉक इंट्राडे में 20% लोअर सर्किट लगाकर ₹66.80 तक पहुंच गया। दिन के आखिर में, स्टॉक ₹70.09 पर क्लोज हुआ, जो एक ही सेशन में लगभग 16% की गिरावट थी। यह जून 2025 के बाद स्टॉक का सबसे निचला लेवल रहा है।
आज के ट्रेडिंग सेशन में NSE पर 62 करोड़ से ज़्यादा शेयरों का ट्रेड हुआ, जो इसके नॉर्मल एवरेज वॉल्यूम से लगभग 24 गुना ज़्यादा है । स्टॉक अभी अपने 52-हफ़्ते के हाई ₹87 से लगभग 19% नीचे ट्रेड कर रहा है, जबकि इसका 52-हफ़्ते का लो ₹52.46 है।
₹590 करोड़ के स्कैम की पूरी कहानी
इस ₹590 करोड़ के स्कैम का मामला तब सामने आया जब हरियाणा सरकार के एक डिपार्टमेंट ने अपना बैंक अकाउंट बंद करके दूसरे बैंक में फंड ट्रांसफर करना शुरू किया। जांच के दौरान बैंक के रिकॉर्ड और डिपार्टमेंट द्वारा बताए गए बैलेंस में बड़ा अंतर पाया गया। इसके बाद 18 फरवरी 2026 से दूसरे सरकारी डिपार्टमेंट के खातों की जांच की गई, जिसमें इसी तरह की गड़बड़ियां सामने आईं। शुरुआती जांच में पता चला कि चंडीगढ़ ब्रांच के कुछ कर्मचारियों ने गलत तरीके से फंड्स का लेनदेन किया था। बैंक ने तुरंत कार्रवाई करते हुए 4 अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया और पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। बैंक अब एक बाहरी एजेंसी से फोरेंसिक ऑडिट करवा रहा है, जबकि हरियाणा सरकार ने सभी डिपार्टमेंट को 31 मार्च, 2026 तक अपने अकाउंट का मिलान पूरा करने का निर्देश दिया है।
IDFC First Bank Q3 FY26 Results
Q3 FY26 में बैंक का नेट प्रॉफ़िट बढ़कर ₹503 करोड़ हो गया, जबकि पिछले साल इसी समय में यह ₹339 करोड़ था। कोर इनकम में भी 12% की बढ़ोतरी हुई। मौजूदा फ़ाइनेंशियल ईयर के पहले नौ महीनों में, बैंक ने कुल ₹1,317 करोड़ का प्रॉफ़िट कमाया। रिस्क कम करने के लिए, बैंक ने अपने माइक्रोफ़ाइनेंस बिज़नेस का हिस्सा पहले के 6.6% से घटाकर 4% कर दिया है। हाल ही में, RBI ने ICICI ग्रुप को बैंक में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाकर 9.95% करने की मंजूरी भी दे दी।
IDFC First Bank Share Price Target 2026: ब्रोकरेज की राय
फ्रॉड से पहले हाल ही में 1 फरवरी 2026 को Axis Securities ने अपनी रिपोर्ट में IDFC First Bank शेयर पर BUY रेटिंग बरकरार रखते हुए टारगेट प्राइस ₹83 से बढ़ाकर ₹101 रुपये कर दिया। ब्रोकरेज का मानना था कि बैंक आने वाले कुछ सालों में अपने लोन और डिपॉजिट को 21% से 23% की रफ्तार से बढ़ा सकता है। उनके मुताबिक बैंक की कमाई और ऑपरेटिंग एफिशिएंसी में सुधार जारी रहेगा, जिससे वित्त वर्ष 2027-28 तक बैंक का RoA बढ़कर 1% से 1.2% तक पहुंच सकता है।
फ्रॉड के बाद, UBS ने अनुमान लगाया है कि ₹590 करोड़ की रकम बैंक की नेट वर्थ का लगभग 1% है, इसलिए इसे कैपिटल पर कोई बड़ा दबाव नहीं माना जाता है, लेकिन यह FY26 के अनुमानित प्रॉफ़िट का लगभग 20-22% है। Morgan Stanley ने भी इसी तरह का आकलन दिया है और कहा है कि असर सीमित रह सकता है, बशर्ते मामला सिर्फ एक ब्रांच और कुछ सरकारी खातों तक ही सीमित रहे। Jefferies ने अपनी नोट में कहा कि बैंक को निवेशकों को यह भरोसा देना होगा कि ऐसी समस्या दूसरे क्लाइंट्स या ब्रांच में नहीं है। अभी ब्रोकरेज हाउस टारगेट बदलने की जल्दबाजी में नहीं दिख रहे, लेकिन आगे की रेटिंग अपडेट अब जांच की प्रगति और रिकवरी पर निर्भर रहेगी।
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