India GDP Q3 FY26: ग्रोथ रेट 7.8%, नई GDP सीरीज का पहला डेटा जारी, देखें सेक्टर वाइज परफॉर्मेंस

India GDP Q3 FY26: Ministry of Statistics and Program Implementation (MoSPI) ने 27 फरवरी 2026 को वित्तीय वर्ष 2025-26 की तीसरी तिमाही के GDP के आंकड़े जारी किए हैं। नई GDP सीरीज के तहत अक्टूबर-दिसंबर की इस तिमाही में भारत की रियल GDP ग्रोथ रेट 7.8% रही है, जो पिछले साल की इसी तिमाही के 7.4% से थोड़ी बेहतर है। इस आर्टिकल में हम नई GDP सीरीज, बेस ईयर में हुए बदलाव, सेक्टर वाइज परफॉर्मेंस और फ्यूचर आउटलुक के बारे में डिटेल में बात करेंगे।

नई GDP सीरीज और बेस ईयर में बदलाव

सरकार ने नेशनल अकाउंट्स कैलकुलेशन के लिए बेस ईयर को 2011-12 से बदलकर 2022-23 कर दिया है। यह नई सीरीज का पहला डेटा सेट है जो इंडियन इकोनॉमी की करंट सिचुएशन को बेहतर तरीके से दिखाने के लिए बनाया गया है।

बेस ईयर बदलने के पीछे कई वजहें हैं। पिछले दस सालों में इकोनॉमी में काफी कुछ बदला है, खासकर डिजिटल सर्विसेज, प्लेटफॉर्म बेस्ड एक्टिविटीज और गिग इकोनॉमी का काफी ग्रोथ हुआ है। पुराने बेस ईयर में इन सबको ठीक से कैप्चर नहीं किया जा रहा था। मिनिस्ट्री के मुताबिक 2022-23 को इसलिए चुना गया क्योंकि यह कोविड के बाद का एक नॉर्मल ईयर था और सभी सेक्टर्स का मजबूत और डिटेल्ड डेटा अवेलेबल था।

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक FY26 के लिए फुल ईयर रियल GDP ग्रोथ का अनुमान भी 7.4% से बढ़ाकर 7.6% कर दिया गया है।

सेक्टर वाइज GDP परफॉर्मेंस Q3 FY26

अलग-अलग सेक्टर्स की बात करें तो इस तिमाही में ज्यादातर सेक्टर्स ने अच्छी ग्रोथ दिखाई है:

  • मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर: 13.3% ग्रोथ (पिछले साल इसी तिमाही में 10.8% थी)
  • ट्रेड, होटल्स, ट्रांसपोर्ट और कम्युनिकेशन: 10.1% ग्रोथ
  • एग्रीकल्चर सेक्टर: 2.4% ग्रोथ (पिछले साल इसी तिमाही में 4.2% थी)

डिमांड साइड पर भी पॉजिटिव ट्रेंड दिखा है। प्राइवेट फाइनल कंजम्पशन एक्सपेंडिचर (PFCE) और ग्रॉस फिक्स्ड कैपिटल फॉर्मेशन (GFCF) दोनों ने 7% से ज्यादा की ग्रोथ दिखाई है।

रिवाइज्ड GDP फिगर्स FY26:

तिमाहीपुराना अनुमाननया अनुमान
Q1 (अप्रैल-जून)7.8%6.7%
Q2 (जुलाई-सितंबर)8.2%8.4%
Q3 (अक्टूबर-दिसंबर)7.4%7.8%

नॉमिनल GDP की बात करें, जिसमें महंगाई का इफेक्ट भी शामिल होता है, तो Q3 में यह 8.9% रही और FY26 के लिए 8.6% रहने का अनुमान है। FY26 के एंड तक भारत की नॉमिनल GDP 345.47 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचने की उम्मीद है।

नई GDP कैलकुलेशन मेथड और डेटा सोर्सेज

नई GDP सीरीज में डेटा की एक्यूरेसी बढ़ाने के लिए कई टेक्निकल और प्रोसेस लेवल पर सुधार किए गए हैं। अब कैलकुलेशन के लिए GST ट्रांजैक्शन डेटा, ई-व्हीकल रजिस्ट्रेशन और पब्लिक फाइनेंशियल मैनेजमेंट सिस्टम (PFMS) जैसे डिटेल्ड एडमिनिस्ट्रेटिव डेटासेट्स का इस्तेमाल किया जा रहा है।

घरेलू सेक्टर के अनुमानों के लिए अब सिर्फ बेस ईयर इंडिकेटर्स पर निर्भर नहीं रहा जाता, बल्कि ASUSE और PLFS जैसे सालाना सर्वे का इस्तेमाल हो रहा है। मैन्युफैक्चरिंग और एग्रीकल्चर सेक्टर्स में ‘double deflation’ मेथड अपनाया गया है, जिससे रियल वैल्यू एडिशन को ज्यादा सही तरीके से मापा जा सके। साथ ही मल्टी-एक्टिविटी वाली कंपनीज के केस में अब उनके हर बिजनेस सेगमेंट के योगदान को अलग-अलग क्लासिफाई किया जा रहा है।

ग्लोबल रैंकिंग और फ्यूचर आउटलुक

इन नए बदलावों के साथ भारतीय अर्थव्यवस्था का साइज अब करीब 4 ट्रिलियन डॉलर के लेवल पर पहुंच गया है। हालांकि पिछले साल डॉलर के मुकाबले रुपये में गिरावट और येन की मजबूती की वजह से भारत अभी जापान की 4.4 ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी को पीछे छोड़ने से थोड़ा पीछे रह गया है।

Chief Economic Advisor, V Anantha Nageswaran के मुताबिक नई सीरीज के बेसिस पर अगले वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए ग्रोथ रेट 7 से 7.4% के बीच रहने की उम्मीद है। सरकार को भरोसा है कि मौजूदा इकोनॉमिक रफ़्तार भारत को अगले कुछ सालों में दुनिया की तीसरी या चौथी सबसे बड़ी इकोनॉमी बनाने की तरफ ले जाएगा।

Disclaimer: यह आर्टिकल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से पब्लिश किया गया है। इसमें दी गई जानकारी पब्लिक सोर्स और रिपोर्ट्स पर आधारित है और इसे इन्वेस्टमेंट सलाह या किसी स्टॉक में खरीद या बिक्री की सिफारिश नहीं माना जाना चाहिए। शेयर बाजार में निवेश जोखिम के अधीन होता है। इस लेख के आधार पर लिए गए किसी भी निवेश निर्णय से होने वाले लाभ या हानि के लिए ielindia.in या इसके लेखक जिम्मेदार नहीं हैं।

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