Penny stock: भारत की 100 साल पुरानी दिग्गज इंजीनियरिंग कंपनी का शेयर इन दिनों स्टॉक मार्केट में सुर्खियां बटोर रहा है। महज 18 रुपये की कीमत वाला यह Penny stock आने वाले समय में बड़ी उड़ान भरने को तैयार दिख रहा है क्योंकि कंपनी अब बड़े और क्रिटिकल प्रोजेक्ट्स जैसे हाइड्रो पावर, मेट्रो, टनल और न्यूक्लियर पावर में अपनी पकड़ मजबूत कर रही है। कंपनी के बेहतर होते नतीजों और भारी-भरकम ऑर्डर बुक को देखते हुए बाजार के जानकारों का मानना है कि यह शेयर आने वाले 24 महीनो में निवेशकों को 177% का जबरदस्त रिटर्न दे सकता है।
HCC शेयर प्राइस मूवमेंट
25 फरवरी, 2026 को HCC का शेयर 18.05 रुपये पर ट्रेड कर रहा था, जो इसके पिछले क्लोज 18.17 रुपये से 0.66% नीचे है। स्टॉक 18.37 रुपये पर खुला और दिन में 18.43 रुपये के हाई और 17.74 रुपये के लो को छुआ। पिछले एक साल में स्टॉक में करीब 29.30% की गिरावट हुई है। स्टॉक का 52-हफ़्ते का हाई 37.39 रुपये और लो 16.92 रुपये है, जबकि कंपनी का मार्केट कैप 4,728 करोड़ रुपये है।
HCC Q3 Results
Q3 FY26 के दौरान HCC ने 8.07 करोड़ रुपये का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है, जबकि पिछले साल के इसी तिमाही में कंपनी को 38.9 करोड़ रुपये का बड़ा नुकसान हुआ था। हालांकि, कंपनी का कुल रेवेन्यू सालाना आधार पर 8.1% गिरकर 925.32 करोड़ रुपये रहा है, जो पिछले साल 1,006.81 करोड़ रुपये था। रेवेन्यू में इस गिरावट का एक बड़ा कारण स्टीनर AG के कंस्ट्रक्शन बिज़नेस की बिक्री बताया जा रहा है। रेवेन्यू में कमी के बावजूद कंपनी के ऑपरेटिंग परफॉर्मेंस में काफी सुधार दिखा है। कंपनी का EBITDA 67.2 करोड़ रुपये है, जो पिछले साल के 30.5 करोड़ रुपये के एबिटडा लॉस के मुकाबले काफी बेहतर है। इस दौरान कंपनी का EBITDA मार्जिन भी सुधरकर 7.26% पर पहुंच गया है।
मज़बूत ऑर्डर बुक और मेगा प्रोजेक्ट्स
कंपनी के पास अभी ₹13,148 करोड़ की मज़बूत ऑर्डर बुक है और आने वाले समय में ₹50,000 करोड़ की बड़ी ऑर्डर पाइपलाइन है। इसमें ₹2,000 करोड़ के L1 ऑर्डर और ₹3,800 करोड़ के ऑर्डर भी शामिल है। HCC का भारतीय इंफ्रास्ट्रक्चर में बहुत बड़ा योगदान रहा है, कंपनी ने देश की 26% हाइड्रोपावर कैपेसिटी और 60% से ज़्यादा न्यूक्लियर पावर कैपेसिटी के कंस्ट्रक्शन में योगदान दिया है। अकेले FY2025 में, कंपनी ने ₹5,692 करोड़ के तीन बड़े कॉन्ट्रैक्ट जीते, जिसमें HCC का हिस्सा लगभग ₹3,472 करोड़ है। इसके अलावा, न्यूक्लियर सेक्टर से ₹8,000 से ₹9,000 करोड़ के नए ऑर्डर मिलने की उम्मीद है, जिससे कंपनी की भविष्य की ग्रोथ मज़बूत होगी।
कर्ज़ कम करने का प्लान और नई फंडिंग
मैनेजमेंट कंपनी के कर्ज़ के बोझ को कम करने के लिए तेज़ी से काम कर रहा है। FY2026 में अब तक, कंपनी ने ₹680 करोड़ का प्रीपेमेंट किया है और मार्च 2026 तिमाही में और ₹876 करोड़ चुकाने का प्लान है। अगर यह प्लान सफल होता है, तो कंपनी का कुल कर्ज़ मौजूदा ₹2,825 करोड़ से घटकर लगभग ₹1,950 करोड़ हो जाएगा। अपनी बैलेंस शीट को और मज़बूत करने के लिए, कंपनी ने 2024 में राइट्स इश्यू और QIP के ज़रिए ₹950 करोड़ भी जुटाए हैं। इसके अलावा, कंपनी को हाल ही में एक इन्वेस्टमेंट-ग्रेड क्रेडिट रेटिंग मिली है, जिससे उसे बैंकिंग सिस्टम से सस्ती फंडिंग मिलने का रास्ता साफ़ हो गया है। कंपनी ने अपने कर्ज को कम करने के लिए PRPL को 2,854 करोड़ रुपये का कर्ज ट्रांसफर करने जैसा स्ट्रक्चर्ड कदम भी उठाया है।
बड़े इन्वेस्टर्स का भरोसा और FII की खरीदारी
कंपनी के शेयरहोल्डिंग पैटर्न में हाल ही में बड़े बदलाव हुए हैं, जिससे इन्वेस्टर्स का भरोसा बढ़ा है। जाने-माने इन्वेस्टर मुकुल अग्रवाल ने पहली बार स्टॉक में बड़ी एंट्री की है, अब उनके पास कंपनी के 1.68% यानि लगभग 44 मिलियन शेयर हैं। FIIs ने भी कंपनी में अपनी हिस्सेदारी 9.58% से बढ़ाकर 10.41% कर ली है। हालांकि, DIIs की हिस्सेदारी थोड़ी कम हुई है, जो 6.79% से घटकर 4.76% हो गई है। अभी, कंपनी में पब्लिक शेयरहोल्डिंग 68.01% है, जिसमें से रिटेल इन्वेस्टर्स के पास 42% से ज़्यादा है।
HCC Share Price Target: ब्रोकरेज की राय
जानी-मानी ब्रोकरेज फर्म Ventura Securities ने HCC के लिए बहुत पॉजिटिव आउटलुक जारी किया है, और इसे ‘BUY’ रेटिंग दी है। ब्रोकरेज का अनुमान है कि स्टॉक अगले 24 महीनों में ₹50 तक पहुंच सकता है, जो इसके मौजूदा प्राइस ₹18 से लगभग 177% का रिटर्न है। ब्रोकरेज के मुताबिक, इस रैली के पीछे सरकार का इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर पर बढ़ता फोकस और बजट में घोषित 12.2 लाख करोड़ रुपये का मेगा कैपेक्स है, जिसका फायदा HCC को मिलेगा।
इन्वेस्टमेंट के नज़रिए से, कुछ रिस्क फैक्टर हैं, जैसे कि प्रमोटर्स का हिस्सा सिर्फ़ 16.81% है, और उसका 73.3% हिस्सा गिरवी रखा हुआ है। कंपनी को 156 दिनों की ज़्यादा डेटर रेट और ज़्यादा उधार लेने की लागत जैसी चुनौतियों का भी सामना करना पड़ रहा है। हालांकि, इसके बेहतर होते मार्जिन और सरकार के सपोर्ट को देखते हुए, एक्सपर्ट्स कंपनी पर काफ़ी भरोसा दिखा रहे हैं।
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