Vedanta Fund Raise: Vedanta Limited अपने बिजनेस को और भी मजबूत बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठा रही है। कंपनी ने हल ही में डिबेंचर्स के जरिए 3,000 करोड़ रुपये तक का फंड जुटाने (fund raise) के प्लान को मंजूरी दी है। इस फंड का इस्तेमाल कंपनी अपने कर्ज की लागत को कम करने और फ्यूचर के बड़े प्रोजेक्ट्स को पूरा करने के लिए करेगी।
डिबेंचर्स का स्ट्रक्चर और लिस्टिंग की डिटेल्स
Vedanta द्वारा जारी किए जाने वाले ये डिबेंचर ‘अनसिक्योर्ड, रेटेड और लिस्टेड नॉन-कन्वर्टिबल’ (NCDs) कैटेगरी के होंगे। कंपनी ने ऑफिशियली अनाउंस किया है कि वह कुल 300,000 डिबेंचर्स जारी करने का प्लान बना रही है। इसमें हर एक डिबेंचर की फेस वैल्यू ₹1,00,000 तय की गई है, जिससे कुल जुटाई जाने वाली रकम ₹3,000 करोड़ हो जाती है। इन डिबेंचर्स को बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर लिस्ट कराया जाएगा ताकि पूरी प्रोसेस व्यवस्थित तरीके से पूरी हो सके। यह फंड प्राइवेट प्लेसमेंट के आधार पर जुटाया जाएगा, जिसका मतलब है कि कंपनी कुछ चुनिंदा बड़े संस्थानों से सीधे संपर्क कर यह राशि हासिल करेगी।
Vedanta Q3 रिजल्ट्स
Vedanta के हालिया वित्तीय आंकड़ों को देखें तो इसकी कमाई में काफी बढ़ोतरी देखने को मिली है। Q3 के नतीजों के मुताबिक, कंपनी के नेट प्रॉफिट में 60% की भारी बढ़त दर्ज की गई और यह ₹7,807 करोड़ तक पहुंच गया। इस बीच, कंपनी का टोटल रेवेन्यू भी 19% बढ़कर ₹45,899 करोड़ हो गया। इस मजबूत परफॉर्मेंस के पीछे कई कारण रहे हैं जैसे बेस मेटल्स की कीमतों में आई तेजी और मार्केट में सामान की ज्यादा बिक्री। इसके अलावा, बेहतर मार्जिन और फॉरेन एक्सचेंज में उतार-चढ़ाव से हुए फायदे ने भी कंपनी की कुल कमाई को सपोर्ट किया है।
फ्यूचर प्लान्स और बिजनेस बढ़ाने पर फोकस
आने वाले समय के लिए Vedanta ने काफी बड़े इन्वेस्टमेंट प्लान तैयार कर रखे हैं। साल 2025-26 के लिए कंपनी ने लगभग $1.5 बिलियन से $1.7 बिलियन का कैपेक्स खर्च करने का टारगेट रखा है। यह इन्वेस्टमेंट पिछले पिछले साल यानी 2025 में किए गए $1.5 बिलियन के इन्वेस्टमेंट का ही हिस्सा है। कंपनी का पूरा फोकस एल्युमीनियम, जिंक, पावर और ऑयल एंड गैस जैसे खास सेक्टर में प्रोडक्शन कैपेसिटी को बढ़ाने पर है। इसके अलावा, कंपनी एक बड़े 3-सालाना प्लान पर भी काम कर रही है जिसमें टोटल $10 बिलियन का इन्वेस्टमेंट किया जाना है। इस प्लानका एक खास टारगेट साल 2026 तक एल्युमिना प्रोडक्शन कैपेसिटी को 5 MTPA तक बढ़ाना है।
कर्ज का मैनेजमेंट और फंड्स का इतिहास
Vedanta पिछले काफी समय से इंडियन और इंटरनेशनल दोनों मार्केट से एक्टिवली फंड जुटा रही है। कंपनी ने पहले भी जब बॉन्ड्स और डिबेंचर्स जारी किए थे, तो उन्हें बाजार में काफी अटेंशन मिला था। मिसाल के तौर पर, पिछले साल अक्टूबर में, $500 मिलियन के बॉन्ड को एप्लीकेशन लिमिट से तीन गुना ज़्यादा अप्लाई मिला था। इसी तरह, पिछले साल जून में जारी किए गए डिबेंचर लगभग 60% ओवरसब्सक्राइब हुए थे। अभी कंपनी अपनी बैलेंस शीट को डीलीवरेज करने और ओवरऑल इंटरेस्ट खर्च को कम करने के लिए कम इंटरेस्ट वाले फंड से पुराने कर्ज को रीफाइनेंस करने पर फोकस कर रही है। ₹3,000 करोड़ जुटाने का यह नया फैसला इसी पुरानी स्ट्रैटेजी को आगे बढ़ाने की एक कोशिश है।
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